Ganesh Chaturthi: The Festival of Lord Ganesha’s Auspicious Arrival गणेश चतुर्थी : विघ्नहर्ता गणपति के आगमन का पर्व
भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह पर्व विघ्नहर्ता भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी कारण इस दिन को गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है? भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान और समृद्धि का देवता माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत श्री गणेश की पूजा के बिना अधूरी रहती है। उन्हें "विघ्नहर्ता" यानी सभी बाधाओं को दूर करने वाला देवता कहा जाता है। गणेश चतुर्थी का पर्व इसीलिए मनाया जाता है ताकि घर-परिवार और समाज में सुख-समृद्धि, शांति और सौहार्द बना रहे। गणेश चतुर्थी का आरंभ कब से हुआ? इतिहासकार मानते हैं कि गणेश चतुर्थी का पर्व प्राचीन काल से ही मनाया जाता रहा है, परंतु इसे जनआंदोलन और उत्सव का रूप स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने दिया। सन् 1893 में तिलक ने इस पर्व को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बनाया। इसके बाद यह पर्व घर-घर और पंडालों म...