हा ये ये ये... मेरी जान बांध राखी तूने पायल में हर कदम तेरा करे मुझे घायल है अरे हम तो मामुली से गायक थे तुझे देख के ही तो हुए शायर हैं ये जो हम पे छाये हुए बादल हैं पहले दिखे ना कभी थे पूरे सावन मैं रजा तेरी रज़ामंदी में शामिल हैं तेरे हुकुम सर आंखों पे कायल हैं हां तू कहेगा अगर उठेगा नहीं तेरे कांधे से सर सब बेअसर तेरे इश्क जैसा मैंने कभी देखा नहीं मर्ज़ तेरा मुझपे है कर्ज़ चुकाना पड़ेगा जो मुझे शत प्रतिशत क्या किया ये हसरत तेरी आखों ने भी छोड़ी ना कोई भी कसार मेरी जान बांध राखी तूने पायल में हर कदम तेरा करे मुझे घायल है अरे हम तो मामुली से गायक थे तुझे देख के ही तो हुए शायर हैं ये जो हम पे छाये हुए बादल हैं पहले दिखे ना कभी थे पूरे सावन मैं रजा तेरी रज़ामंदी में शामिल हैं तेरे हुकुम सर आंखों पे कायल हैं मेरी जान तू करले गुनाह वारदातें संभल जाती हैं तेरे लिए क्या शर्म क्या हया तू पानी है कैसे भी ढल जाती है क्या अदा तेरी है बेपनाह जो दिल में मेरे घर कर जाती है किसी से...