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CTET Exam to be Held on December 15, 2024 (Sunday) in 136 Cities Across the Country सीटीईटी परीक्षा 15 दिसंबर, 2024 (रविवार) को देश के 136 शहरों में आयोजित की जाएगी

CTET Exam to be Held on December 15, 2024 (Sunday) in 136 Cities Across the Country सीटीईटी परीक्षा 15 दिसंबर, 2024 (रविवार) को देश के 136 शहरों में आयोजित की जाएगी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) का 20वां संस्करण 15 दिसंबर, 2024 (रविवार) को देश के 136 शहरों में आयोजित किया जाएगा। इस परीक्षा का आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा किया जाता है, जो प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की पात्रता को मान्यता देने के लिए आयोजित की जाती है। परीक्षा की तिथि और बदलाव का कारण पहले यह परीक्षा 1 दिसंबर, 2024 को आयोजित की जानी थी। लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसकी तारीख को संशोधित कर 15 दिसंबर, 2024 कर दिया गया। सीबीएसई ने अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परीक्षा का आयोजन सुचारू रूप से हो। परीक्षा का महत्व सीटीईटी परीक्षा भारत में शिक्षक बनने की पहली अनिवार्य योग्यता है। जो उम्मीदवार प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्तर पर शिक्षण में रुचि रखते हैं, उन्हें इस परीक्षा में उत्तीर्ण होना आव...

Payal Song Lyrics in Hindi Payal song lyrics - yo yo honey singh nora fatehi glory पायल

 हा ये ये ये... मेरी जान बांध राखी तूने पायल में हर कदम तेरा करे मुझे घायल है अरे हम तो मामुली से गायक थे तुझे देख के ही तो हुए शायर हैं ये जो हम पे छाये हुए बादल हैं पहले दिखे ना कभी थे पूरे सावन मैं  रजा तेरी रज़ामंदी में शामिल हैं  तेरे हुकुम सर आंखों पे कायल हैं हां तू कहेगा अगर  उठेगा नहीं तेरे कांधे से सर  सब बेअसर तेरे इश्क जैसा मैंने कभी  देखा नहीं मर्ज़ तेरा मुझपे है कर्ज़  चुकाना पड़ेगा जो  मुझे शत प्रतिशत  क्या किया ये हसरत  तेरी आखों ने भी  छोड़ी ना कोई भी कसार मेरी जान बांध राखी तूने पायल में हर कदम तेरा करे मुझे घायल है अरे हम तो मामुली से गायक थे तुझे देख के ही तो हुए शायर हैं ये जो हम पे छाये हुए बादल हैं पहले दिखे ना कभी थे पूरे सावन मैं  रजा तेरी रज़ामंदी में शामिल हैं  तेरे हुकुम सर आंखों पे कायल हैं मेरी जान तू करले गुनाह  वारदातें संभल जाती हैं  तेरे लिए क्या शर्म क्या हया  तू पानी है  कैसे भी ढल जाती है क्या अदा तेरी है बेपनाह  जो दिल में मेरे  घर कर जाती है  किसी से...

Chhath Puja 2024: छठ पूजा का इतिहास जानें कैसे हुई छठ पूजा की शुरुआत

छठ पूजा भारत के पूर्वी हिस्सों, विशेषकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार विशेष रूप से सूर्य देवता और छठी मैया की उपासना के लिए प्रसिद्ध है। छठ पूजा का इतिहास अत्यंत प्राचीन है, और इसकी शुरुआत के संदर्भ में कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। छठ पूजा का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व छठ पूजा की शुरुआत को लेकर दो मुख्य कथाएं प्रचलित हैं - एक पौराणिक और दूसरी महाभारत से जुड़ी ऐतिहासिक कथा। 1. पौराणिक कथा: छठी मैया की पूजा छठ पूजा में छठी मैया की उपासना की जाती है, जिन्हें सूर्य देव की बहन माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, छठी मैया संतानों और परिवार की रक्षा करती हैं और व्रत करने वाले की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसे प्रकृति के साथ एक गहरा संबंध माना जाता है और इसी कारण सूर्य देवता को धन्यवाद अर्पित करने के लिए यह पूजा की जाती है। 2. महाभारत से जुड़ी कथा: कुंती और कर्ण की कहानी महाभारत में सूर्य पुत्र कर्ण का उल्लेख है, जो भगवान सूर्य के परम भक्त थे। वे प्रतिदिन घंटों तक जल में खड़े होकर सूर्य की उपासना करते थे।...