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Shardiya Navratri 2024 Date: शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। इन दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। जानें सही तिथि सब कुछ isabkuchh

Shardiya Navratri 2024 Date: शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। इन दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने का विधान है। जानें सही तिथि सब कुछ isabkuchh  शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। हर वर्ष यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। 2024 में शारदीय नवरात्रि का आरंभ 3 अक्टूबर से हो रहा है और इसका समापन 12 अक्टूबर को होगा। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे शक्ति और नारी सम्मान का प्रतीक भी माना जाता है।  शारदीय नवरात्रि का महत्व शारदीय नवरात्रि को देवी दुर्गा की पूजा का प्रमुख समय माना जाता है। यह पर्व भगवान राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले देवी दुर्गा की आराधना के साथ भी जुड़ा हुआ है। इस समय लोग नौ दिन तक व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं। ये नौ रूप हैं:  1. मां शैलपुत्री        – पहले दिन देवी के इस रूप की पूजा की जाती है। 2. मां ब्रह्मचारिणी  – दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी द...

गांव स्तर पर दुर्गा पूजा: एक सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा

 पूजा भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और भव्य त्यौहार है, जो मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में मनाया जाता है। हालांकि, शहरों में दुर्गा पूजा का आयोजन अत्यंत भव्य तरीके से होता है, लेकिन गांवों में इसका एक अलग ही रूप और महत्व है। गांवों में दुर्गा पूजा एक धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामुदायिक भावना को भी मजबूत करती है।    गांवों में दुर्गा पूजा की विशेषता गांव स्तर पर दुर्गा पूजा का आयोजन आमतौर पर स्थानीय लोगों के सहयोग से किया जाता है। जहां शहरों में बड़ी-बड़ी पंडाल और महंगे सजावट के साथ पूजा की जाती है, वहीं गांवों में यह सादगी और पारंपरिक तरीके से मनाई जाती है। पूजा की तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है। ग्रामीण लोग आपस में धनराशि एकत्र करते हैं, और इसके बाद दुर्गा प्रतिमा बनाने के लिए स्थानीय कारीगरों की मदद ली जाती है।  गांव की दुर्गा पूजा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पूरे गांव की भागीदारी होती है। लोग मिल-जुलकर काम करते हैं, चाहे वह पंडाल बनाना हो, सजावट करना हो या फिर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना। गांव मे...

Top Google Searches The 10 Most Popular Keywords टॉप गूगल सर्चेज सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले 10 प्रमुख कीवर्ड

Top Google Searches The 10 Most Popular Keywords टॉप गूगल सर्चेज सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले 10 प्रमुख कीवर्ड हर साल, गूगल पर लाखों सर्च की जाती हैं, जो हमें बताती हैं कि लोग किन वेबसाइटों और सेवाओं के प्रति सबसे ज्यादा रुचि रखते हैं। 2024 में, गूगल सर्च की दुनिया में कुछ प्रमुख वेबसाइटें और सेवाएं सबसे ऊपर हैं। यहां टॉप 10 गूगल सर्च की सूची दी जा रही है, जो ये दर्शाती है कि लोग कौन सी सेवाओं को सबसे ज्यादा खोज रहे हैं। 1. YouTube (185,000,000 सर्च) यूट्यूब ने वीडियो कंटेंट की दुनिया में अपना वर्चस्व बनाए रखा है। यह केवल मनोरंजन का एक प्रमुख साधन ही नहीं है, बल्कि लोगों के लिए जानकारी प्राप्त करने, सीखने और कनेक्ट होने का भी एक बड़ा मंच है। चाहे वह म्यूजिक वीडियो हो, ट्यूटोरियल्स हों या व्लॉग्स, यूट्यूब पर हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। यही वजह है कि यह सबसे ज्यादा सर्च किया गया प्लेटफॉर्म है। 2. Amazon (151,000,000 सर्च) ऑनलाइन शॉपिंग की बात हो और अमेज़न का नाम न आए, ऐसा हो नहीं सकता। अमेज़न पर लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर विशेष उत्पादों तक, सब कुछ खरीद सकते हैं। अमेज़न की सुवि...

Bihar Land Survey 2024 बिहार भूमि सर्वेक्षण 2024: वंशावली से लेकर जमाबंदी तक, भूमि सर्वेक्षण से जुड़े हर सवाल का समाधान यहाँ पाएं और विशेष भूमि सर्वेक्षण की पूरी जानकारी प्राप्त करें।

Bihar Land Survey 2024  बिहार भूमि सर्वेक्षण 2024: वंशावली से लेकर जमाबंदी तक , भूमि सर्वेक्षण से जुड़े हर सवाल का समाधान यहाँ पाएं और विशेष भूमि सर्वेक्षण की पूरी जानकारी प्राप्त करें। इस लेख में आपको बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें बताया गया है कि भूमि सर्वेक्षण के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है , मृत भूधारक के वारिस का नाम कैसे दर्ज कराएं और वंशावली कैसे प्राप्त करें। विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर किसी रैयत को भ्रमित या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण ( Land Survey in Bihar ) शुरू हो चुका है , और इसको लेकर भूधारकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें यह भी शामिल है कि कौन से दस्तावेज जरूरी हैं , मृत भूधारक के स्थान पर उनके वारिस का नाम कैसे दर्ज किया जाए , और इसके लिए वंशावली का प्रबंधन कैसे हो। जानकारी के अभाव में कई रैयत वंशावली के लिए नोटरी या दंडाधिकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं , जबकि ग्राम कचहरी द्वारा जारी वंशावली पर्याप्त है। भूमि सर्वेक्षण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए भू-अभिलेख एव...